Sunday, October 2, 2022
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कोरोना से पुरुषों की यौन सेहत को नुकसान, बढ़ रही है इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या- स्टडी


Men who had Covid-19 can get Erectile Dysfunction : प्रजनन क्षमता (fertility) और नपुंसकता (impotence) से जुड़ी एक रिसर्च इस बात का संकेत देती है कि कोविड-19 पुरुष के यौन स्वास्थ्य (sexual health) को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से कभी-कभी स्तंभन दोष यानी इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) होता है. एक नई स्टडी में तुर्की के रिसर्चर्स ने पाया है कि कोविड की वजह से एंडोथेलियम (endothelium) की शिथिलता  या झिल्ली (membranes) जो ब्लड वेसल्स को लाइन करती है और टेस्टीकुलर्स को सीधा नुकसान पहुंचता है. साथ ही इसकी वजह से उत्पन्न हुए बोझिल मानसिक स्वास्थ्य प्रभावों ने स्तंभन दोष यानी इरेक्टाइल डिसफंक्शन में वृद्धि की है. द प्रिंट में छपी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, इस स्टडी का निष्कर्ष इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इम्पोटेंस रिसर्च (International Journal of Impotence Research) में प्रकाशित किया गया है. एक अन्य स्टडी (जिसकी अभी तक समीक्षा नहीं की गई है) में संक्रमण के दो सप्ताह बाद, रेसस मैकाक (Rhesus macaque) बंदरों के फेफड़ों, प्रोस्टेट, लिंग और अंडकोष में सार्क-कोव-2 (SARS-CoV-2) वायरस के अवशेष पाए गए हैं. टीम ने पाया कि 14 दिनों के बाद जैसे-जैसे फेफड़ों का संक्रमण दूर होने लगा, बंदरों के अंडकोष में संक्रमण वास्तव में बढ़ गया. जननांगों (genitalia) में रक्त वाहिकाओं को भी क्षतिग्रस्त पाया गया.

पिछले अध्ययनों ने भी महामारी के कारण कम यौन स्वास्थ्य और कामेच्छा की पुष्टि की है. ये दोनों संक्रमण से प्रभावित मानसिक स्वास्थ्य की वजह से, साथ ही शारीरिक रूप से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की वजह से. 2021 की एक पायलट स्टडी में ये भी पाया गया कि केवल दो संक्रमित पुरुषों और नियंत्रण के लिए दो स्वस्थ पुरुषों के सैंपल साइज के आकार में, लिंग में रक्त वाहिकाओं (blood vessels) में देखने योग्य वायरल कण और आरएनए थे.

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विशेषज्ञ उन पुरुष रोगियों के यौन और शिश्न (penile) के स्वास्थ्य की निगरानी और स्टडी में वृद्धि करने का आह्वान कर रहे हैं, जो कोविड से उबर चुके हैं, साथ ही नपुंसकता वालों के इलाज के लिए एक एकीकृत बहु-विषयक (integrated multidisciplinary) एप्रोच है.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्यों?
वर्तमान में यह स्थापित किया गया है कि कोरोना वायरस इंसानों के किसी भी ग्रुप को प्रभावित करता, लेकिन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में इससे मौत का खतरा ज्यादा रहता है. हालांकि, वैक्सीनेशन से इस गंभीर बीमारी और इससे मृत्यु का खतरा कम होता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यौन संबंध बनाते वक्त इरेक्शन प्राप्त करने (लिंग में तनाव लाने) और उसे बनाए रखने में असमर्थता है. ये कई शारीरिक स्थितियों, बीमारियों और हार्मोनल असंतुलन के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक कारकों के कारण हो सकता है. आमतौर पर ये एक से अधिक कारकों का संयोजन है. इसका मैकेनिज्म थोड़ा जटिल है और इसमें न्यूरल, वैस्कुलर और हार्मोनल सिग्नलिंग सिस्टम शामिल हैं. इनमें किसी प्रकार की बाधा, साथ ही साथ मनोवैज्ञानिक प्रणाली ईडी को प्रेरित कर सकती है.

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ईडी अक्सर ऑटो-इम्यून रिस्पॉन्स से प्रेरित होता है, जैसे कि सूजन आंत्र रोग (inflammatory bowel disease), किडनी की बीमारी और सोरायसिस (psoriasis). ये इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स (inflammatory cytokines) उत्पन्न करते हैं. ये ऐसा प्रोटीन है, जो इम्यून रिस्पॉन्स को नियंत्रित करते हैं, जैसे टीएनएफ-α और आईएल -6, जो यौन रोग को खराब करने के लिए जाने जाते हैं.

Tags: Health, Health News, Lifestyle



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